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आईसेक्ट के महानिदेशक श्री संतोष चौबे छत्तीगढ़ के विभिन्न शहरों
में स्थापित आईसेक्ट अध्ययन केन्द्रा का निरीक्षण करते हुए
विगत
16
जनवरी को धमतरी जिले के कुरूद स्थित आईसेक्ट इग्नू अध्ययन
केन्द्र पहुंचे जहां संस्था के जिला प्रबंधक कफढष्ण गोपाल साहू
ने उनका स्वागत किया तथा जिले में आईसेक्ट की गतिविधियों से
अवगत कराया। श्री संतोष चौबे ने कुरूद में देना बैंक के ऊपर
स्थित अध्ययन केन्द्र में छात्र-छात्राओं एवं संचालक से चल रहे
प्रशिक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी हासिल की। उन्होंने
टनिंग ले रहे छात्र-छात्राओं को आवश्यक टिप्स भी दिए।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री चौबे ने बताया कि आईसेक्ट
देश में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं सेवा के क्षेत्र में कार्य करने
वाला सबसे बड़ा नेटवर्क है। संस्था का लक्ष्य सूचना तकनीक से
संबंधित शिक्षा को देश के दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाना तथा
रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। वर्तमान में
आईसेक्ट के
27
राज्यों तथा
3
केन्द्र शासित प्रदेशों में
6500
से अधिक अध्ययन केन्द्र कार्यरत हैं। आईसेक्ट अब तक
10
लाख से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान कर चुका है। हाल ही
में आईसेक्ट तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
के बीच दूरवर्ती तथा व्यवसायिक शिक्षा के विस्तार के लिए
अनुबंध हुआ है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य देश में
विकासखंडों तथा पंचायतों तक दूरवर्ती एवं व्यवसायिक शिक्षा का
विस्तार करना है। ऐसा माना जाता है कि अभी भी करोड़ों ग्रामीण
इस तरह की शिक्षा से वंचित हैं, जिसे सूचना तकनीक के माध्यम से
उन तक पहुंचाया जा सकता है। इसी तरह समाज में कई पारंपरिक
कारीगर हैं, जिनकी स्किल को अभिप्रमाणित करने की आवश्यकता है।
कार्यकम के तहत आईसेक्ट के चयनित अध्ययन केन्द्रा में इग्नू
के डीसीए, पीजीडीसीए, बीसीए, एमसीए तथा व्यवसायिक पाठ्यक्रम
संचालित होंगे। इन कोर्स के डिग्री तथा डिप्लोमा इंदिरा गांधी
राष्ट्रीय मुक्त विवि द्वारा प्रदान किए जाएंगे जिससे छात्र
शासकीय व अर्द्धशासकीय संस्थाओं में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
इस अवसर पर आईसेक्ट महानिदेशक श्री संतोष चौबे के साथ श्रीमती
विनीता चौबे, प्रमुख उप-संपादक, इलेक्टानिकी आपके लिये,
निदेशक- आईसेक्ट श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं पल्लवी राव
चतुर्वेदी तथा शशिकांत वर्मा, संतोष पाठक
(रायपुर)
उपस्थित थे। साथ ही आईसेक्ट कुरूद से गोपाल कफढष्ण साहू, गुलाब
बांधेय, अरुण बैस, चुरामन लाल साहू, दीप्ती साहू, विनोद साहू,
शेषनारायण, हितेश सिन्हा आदि मौजूद रहे। यहां से वे आगे बस्तर
में शैक्षणिक कार्यक्रमों के विस्तार की योजनाओं तथा सेंटरों
का निरीक्षण करने रवाना हुए।
छात्रहित
में हर संभव मदद का दिलाया भरोसा
आईसेक्ट
के महानिदेशक व डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री
संतोष चौबे ने आईसेक्ट निदेशकश्री
सिद्धार्थ चतुर्वेदी व पल्लवी राव चतुर्वेदी तथा श्रीमती विनीता
चौबे के साथ मकर संक्रांति पर महामाया मंदिर व भैरव बाबा मंदिर
में मत्था टेका।
दर्शन के बाद उन्होंने महामाया चौक स्थित आईसेक्ट सेंटर का
निरीक्षण किया। वहां उन्होंने अध्ययनरत छात्र- छात्राओं से
मिलकर आईसेक्ट के माध्यम से दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी
ली। श्री चौबे का आईसेक्ट रतनपुर के संचालक संजीव गुप्ता व
छात्र-छात्राओं ने आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। श्री चौबे ने
आईसेक्ट भवन का निरीक्षण करने के बाद छात्र-छात्राओं को बेहतर
सुविधा मुहैया कराने व आईसेक्ट का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे
ब्रांच मैनेजर संजीव गुप्ता को शुभकामना देते हुए ऐसे ग्रामीण
क्षेत्रों में आईसेक्ट के प्रचार- प्रसार के लिए दिशा-निर्देश
दिए। श्री चौबे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आईसेक्ट
के माध्यम से उन्हें हर संभव मदद करने की वचनबद्धता दोहराई। इस
दौरान योगेश मिश्रा
(क्षेत्रीय
प्रबंधक, आईसेक्ट) सहित संस्था में अध्ययनरत विद्यार्थी
उपस्थित
कम्प्यूटर प्रांति ने बदला आम आदमी का
जीवन
दरभंगा के भगवानदास मुहल्ला में स्थित कम्प्यूटर प्रशिक्षण
संस्थान
'आईसेक्ट'
का वार्षिकोत्सव
29
दिसम्बर
(बुधवार)
को संस्थान परिसर में मनाया गया। वार्षिकोत्सव का दीप
प्रज्जवलन समारोह के मुख्य अतिथि डब्ल्यूआईटी के डायरेक्टर डॉ.
ब्रजमोहन मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने कहा कि आज के
युग में परंपरागत शिक्षा प्राप्त कर लेना ही काफी नहीं है।
इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से स्वयं को अपडेट रखने के लिए
कम्प्यूटर का ज्ञान आज की आवश्यकता बन गया है। समारोह के
विशिष्ट अतिथि मेयर अजय पासवान ने संचार प्रांति की महत्ता पर
प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आईटी का असर समाज में बदलाव ला
रहा है। अब परंपरागत चिट्ठियों की जगह ई-मेल ले रही है।
कम्प्यूटर के माध्यम से पत्र भेजे जा रहे हैं। वार्षिकोत्सव
में बोलते हुए हिन्दुस्तान के ब्यूरो प्रभारी रविभूषण चतुर्वेदी
ने कहा कि अब जनरेशन गैप आईटी के कारण आएगा। इस गैप को भरने के
लिए बच्चे, बड़े सभी के लिए कम्प्यूटर का ज्ञान महत्वपूर्ण हो
गया है। अतिथियों का स्वागत संस्थान के निदेशक कुमार प्रकाश ने
किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक
कार्यप्रम का आयोजन भी किया गया जिसमें सभी ने बढ़-चढ़ कर
हिस्सा लिया। कार्यप्रम का संचालन मनीष कुमार द्वारा किया गया।
नृत्य एवं गीतों ने सभी का मन मोह लिया। केन्द के निदेशक कुमार
प्रकाश की तरफ से पुरस्कार वितरण के साथ-साथ सर्वाधिक अंक
प्राप्त करने वाले कमर मुस्तफा को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया
गया।
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