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सौर
तंत्र के
चंदमा
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राकेश
शुक्ला
पृथ्वी पर
प्रत्येक
व्यक्ति के
दो मामा हैं
होते।
पहले मामा
माँ के भाई
दूजे चंदा
हैं होते।।
चंदा मामा वह
मामा है
जिनकी सतह पर
पहले।
प्रथम चंद्र
मानव के रूप
में
नील
आर्मस्ट्रंग
थे उतरे।।
इसी तरह
स्पुतनिक 1
भी
पृथ्वी का
चक्कर करता
था।
यह, केवल
कृत्रिम
उपग्रह था
प्राकृतिक
उपग्रह ना
था।।
मानव द्वारा
निर्मित
उपग्रह को
कृत्रिम
उपग्रह कहते
हैं
प्रकृति के
द्वारा
निर्मित
चंदा जैसे
रहते हैं।।
भारी पिंड पी
परिक्रमा
यदि
कोई भी `लघु
पिंड' करेगा।
इस लघु पिंड'
का नाम
उपग्रह,
भारी प्रमुख
पिंड पर
होगा।।
सभी चंद्रमा
ग्रहों का
चक्कर
लगातार हैं
करते।
उसी भाँति ये
सारे ग्रह भी
सूर्य का
चक्कर
करते।।
मंगल, बुध,
बृहस्पति व
शुप्र, शनि
एवं पृथ्वी।
नेप्च्यून
यूरेनस करते
परिप्रमा
नित सूरज की।
हर ग्रह के
अपने हैं
चंद्रमा
शुक्र और बुध
को बस छोड़।
जो इन ग्रहों
का चक्कर
करते
इनमें हरदम
मचती होड़।।
सौर तंत्र
के सभी
चंद्रमा
की संख्या है
एक सौ छयासठ।
पृथ्वी का है
एक चंद्रमा
तथा
बृहस्पति
ग्रह के
तिरसठ।।
मंगल ग्रह के
दो ही
चंद्रमा
साठ चंद्रमा
हैं शनि ग्रह
के।
सत्ताईस
यूरेनस ग्रह
के
तेरह चाँद
नेप्च्यून
ग्रह के।।
यद्यपि
प्लूटो आज की
तिथि में
सौर तंत्र का
ना कोई ग्रह।
पर इसके हैं
तीन चंद्रमा
जो परिप्रमा
करते हैं रह
रह।।
सबसे अधिक
बृहस्पति
ग्रह के,
ही चाँद हैं
सौर तंत्र
में।
इसके चार
चंद्रमा
अतिशय
भारी दिखते
सौर तंत्र
में।।
गैनमीड,
योरोपा, आईओ,
तथा
कैलिस्टो
इनके नाम।
ये लघु-ग्रहों
के ही समान
हैं
सौर तंत्र की
बनते शान।।
बृहस्पति
ग्रह का बड़ा
चंद्रमा
यूं भी
पहचाना जाता
है।
सौर तंत्र
में धाक जमीं
है
गैनमीड यह
कहलाता है।।
सौर तंत्र
में दूजे
नंबर
का जो सबसे
वृहद चाँद
है।
बत्तीस सौ है
मील व्यास
में
शनि ग्रह का
यह टाइटन
चाँद है।।
आइओ सबसे
अंदर का है
जुपिटर इक
आला चाँद।
सौर तंत्र का
सबसे
ज़्यादा
ज्वालामुखियों
वाला चाँद।।
कुछ विख्यात
चंद्रमा शनि
के
टाइटन,
एनकेलैडस।
टेथिस, डायोन,
रिया साथ में
हाइपेरियन,
लेपटस।।
पैन तथा
मीमास शनि के
दो चंदा भी
हैं
विख्यात।
पैन तो छोटा
सा चांद है
बीस
किलोमीटर है
व्यास।।
यूरेनस के
चांद
विचित्र हैं
भौचक्का कर
देते।
इनमें दस-दस
मीलों ऊँचे
पर्वत खड़े
से दिखते।।
नेप्च्यून
के तेरह चंदा
दो हैं अति
विख्यात।
ट्राइटन,
निरीड नाम
हैं
बहुत समय से
ज्ञात।।
सौर तंत्र का
सबसे छोटा
चाँद है मंगल
ग्रह का।
वैज्ञानिकगण
ने डीमोस ही
नाम रखा है
इसका।।
शायद इससे भी
कम व्यास के,
चंदा सौर
तंत्र में
होंगे।
सबसे छोटे
चंदा व्यास
में
एक मील से भी
कम होंगे।।
यद्यपि
प्लूटो आज
नहीं ग्रह,
केवल यह है
एक ड्वार्फ
ग्रह।
इसके चाँद
में खास बात
है
जिसको सोचे
हर जन रह
रह।।
इसका एक चाँद
है चैरन
जो आकार में
प्लूटो के
सम।
उपग्रह तथा
प्रायमरी
पिंड की
परिभाषा यूँ
जानें तुम-हम।।
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