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              इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए अंक 194,वर्ष 23,जुलाई 2010
 
 
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आईसेक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी 'एआईएसटी'
आईसेक्ट समूह द्वारा इंजीनियरिंग व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में समस्त सुविधाओं से सुसज्जित एक और संस्थान आईसेक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी की स्थापना भोपाल में की गई है। भोपाल की ह्य्दय स्थली से मात्र 30 मिनट की दूरी पर हरी-भरी पहाड़ियों के बीच प्रकृति की गोद में लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में स्थापित यह संस्थान कम्प्यूटराइज्ड पुस्तकालय, इंटरनेट सुविधा के साथ उन्नत कम्प्यूटर लैब, बस तथा हॉस्टल की सुविधा, खेल का मैदान तथा कैन्टीन की सुविधा के साथ छात्रों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराता है। महाविद्यालय में पढ़कर छात्र वर्तमान उद्यम क्षेत्र की मांग के अनुरूप स्वयं को सशक्त रूप से तैयार कर पाता है।

संचालित पाठ्यक्रम

इंजीनियरिंग कॉलेज में निम्न पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
इंजीनियरिंग संकाय

  • बीई इन कम्प्यूटर साइंस
  • बीई इन इंफार्मेशन टेक्नॉलॉजी
  • बीई इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन
  • बीई इन सिविल इंजीनियरिंग
  • बीई इन मेकेनिकल इंजीनियरिंग

कम्प्यूटर साइंस शाखा में सॉप्टवेयर व हार्डवेयर से संबंधित विषय पढ़ाये जाते हैं। कम्प्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग किये विद्यार्थियों के लिये मल्टीनेशनल कंपनियों में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। विप्रो, एच.सी.एल, इन्फोसिस, पाटनी कम्प्यूटर्स, टी.सी.एस., एसनचर, ओरेकल जैसी कंपनियों में दक्ष कम्प्यूटर इंजीनियरों की माँग हमेशा बनी रहती है। विद्यार्थियों के लिये सरकारी क्षेत्र में भी अच्छे अवसर हैं। भारत संचार निगम लिमिटेड, राष्ट्रीयकृत बैंक, डीआरडीओ, आदि संस्थानों में कम्प्यूटर इंजीनियरों की जरूरत रहती है। इन संस्थानों में चयनित होने के लिये पब्लिक सेक्टर की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। इसके अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में कॅरियर चुनने वाले विद्यार्थियों के लिये शासकीय महाविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज एवं पॉलीटेक्नीक कॉलेजों में शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के अवसर होते हैं। इंजीनियरिंग के पश्चात् उच्च शिक्षा के लिये आई.टी. व कम्प्यूटर साइंस में एम.टेक. व पीएच.डी भी की जा सकती है। विदेश जाने के अवसर अक्सर आई.टी. व कम्प्यूटर साईंस के विद्यार्थियों के लिये रहते हैं।
इनफार्मेशन टेक्नॉलॉजी शाखा में सॉप्टवेयर व नेटवर्किंग से संबंधित विषयों का अध्ययन कराया जाता है। विगत वर्ष मंदी के दौर में विद्यार्थियों का आई.टी. के प्रति रूझान कम रहा परन्तु अब स्थिति सुधर गई है। इस ब्रांच से इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों के लिये निजी क्षेत्र में सॉप्टवेयर कंपनियों व सरकारी क्षेत्र में पब्लिक सेक्टर यूनिट जिनमें स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), गैस अथरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल), नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी), हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एच.ए.एल.) व बैंकों आदि में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। भारत में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर कार्य हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में सूचना प्रौद्योगिकी से इंजीनियरिंग किये छात्रों के लिये अच्छे अवसर हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से बढ़ती हुई शाखा है। टेलीविजन, रेडियो, कम्प्यूटर व संचार के क्षेत्र में इसके कई अनुप्रयोग हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स का उपयोग उद्योगों में कंट्रोल सिस्टम व अन्य स्वचालित प्रप्रमों में होता है। माइप्रोप्रोसेसर, फाइबर ऑपटिक्स, संचार के साधन, टेलीविजन, रेडियो के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर कार्य करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर के लिये निजी उद्योगों में नौकरी के अवसर उपलब्ध रहते हैं। सरकारी क्षेत्र में भारत संचार निगम लिमिटेड में जूनियर टेलिकॉम ऑफिसर व अन्य उच्च पदों पर नियुक्ति की संभावनायें रहती है। ऑल इंडिया रेडियो, एमटीएनएल, नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री, सिविल एविंटन विभाग व रक्षा विभाग में भी नौकरी के अवसर उपलब्ध हैं। संघ लोक सेवा आयोग की इंजीनियरिंग परीक्षा में भी विद्यार्थी बैठ सकते हैं और चयन होने के बाद उच्च पदों पर पहुँच सकते हैं।
सिविल इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की पुरानी ब्रांच मानी जाती है। सिविल इंजीनियरिंग में स्ट्रक्चरल कार्यों की प्लानिंग, डिजाईनिंग व एक्सीक्यूशन की जाती है। रोड, ब्रिज, सुंग, भवन, बाँध, हवाई अड्डा, सीवेज सिस्टम आदि निर्माण कार्य सिविल इंजीनियर के द्वारा किये जाते हैं। सिविल इंजीनियरिंग में भी आगे विशेषज्ञता होती है जिसमें पर्यावरण, निर्माण, जल संसाधन आदि क्षेत्र प्रमुख हैं।
मेकेनिकल ब्रांच को इंजीनियरिंग शाखा की एक सदाबहार शाखा के रूप में हमेशा से जाना गया है। इस शाखा से इंजीनियरिंग किये गये विद्यार्थियों के लिये निजी व सरकारी क्षेत्रों में नौकरी के अच्छे अवसर रहते हैं। उद्योगों में मेकेनिकल इंजीनियरों की हमेशा मांग रहती है। फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, सीमेंट, पेट्रोलियम आदि उद्योगों की विनिर्माण यूनिटों में मेकेनिकल इंजीनियर कॅरियर बना सकते हैं। सरकारी क्षेत्र की बात करें तो 'भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल)', गैस अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल), नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन (एनटीपीसी), नेशनल हाइड्रोपॉवर कार्पोरेशन (एनएनपीसी) एवं इंडियन रेलवे में प्रतिष्ठित पदों पर विद्यार्थियों का चयन हो सकता है।

सुविधायें
बेस्ट टीचिंग मेथोडोलॉजी

  • छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।
  • नियमित वर्कशॉप व सेमिनार का आयोजन कर छात्रों के ज्ञान में बढ़ोत्तरी करना।
  • प्रतिमाह टेस्ट के द्वारा छात्रों को अपडेट रखना।
  • तकनीकी दुनिया के जाने-माने व्यक्तियों द्वारा समय-समय पर छात्रों का मार्गदर्शन करना।

लाइब्रेरी

छात्रों के अध्ययन हेतु कम्प्यूटराइज्ड लाइब्रेरी की सुविधा कैम्पस में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त अन्य सुविधायें निम्न हैं, जैसे :

  • लाइब्रेरी में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें आईटी, कम्प्यूटर, साहित्य व अन्य विषयों की उपयोगी पुस्तकें शामिल हैं।
  • छात्रों के ज्ञानवर्धन हेतु कई राष्ट्रीय, प्रादेशिक व उपयोगी जर्नल्स छात्रों को लाइब्रेरी में उपलब्ध कराये जाते हैं।

करियर गाइडेंस और प्लेसमेंट सेल

प्लेसमेंट सेल का उद्देश्य योग्य और शिक्षित विद्यार्थियों तथा औद्योगिक समुदाय को एक साथ लाना है। इस तरह जहां विद्यार्थी रोजगार पाते हैं वहीं दूसरी ओर औद्योगिक समुदाय को योग्य कर्मचारी मिल जाते हैं।

छात्रावास

देश के कोने-कोने से आ रहे विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह सुसज्जित और सुविधाओं से युक्त छात्रावास उपलब्ध है। लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास हैं। उनके भोजन के लिए मेस सुविधा भी उपलब्ध है।

कॉलेज बस

शहर के आस-पास से आ रहे विद्यार्थियों के लिए कॉलेज बस उपलब्ध है। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से अभिभावक सामान्यत कॉलेज बस को ही प्राथमिकता देते हैं।

आईएसडीएन लाइन

विश्वविद्यालय की कम्प्यूटर लैब सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के विकास की आभा से युक्त है। विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के मद्देऩजर कई सुविधाएं यहीं उपलब्ध हैं। इंटरनेट सुविधा, मल्टीमीडिया सुविधा और आधुनिकतम सॉप्टवेयर यहां उपलब्ध हैं। इंटरनेट पहुंच व्यवस्था को सुधारने के लिए आईएसडीएन सुविधा सभी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है।

कैन्टीन

कैम्पस में सुसज्जित कैन्टीन और मैस की सुविधा उपलब्ध है जिसका लाभ विद्यार्थी और स्टॉफ दोनों ही उठा सकते हैं।

विद्यार्थी समिति

विद्यार्थी समिति निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान क्व़िज और कई अन्य प्रतियोगिताओं और कार्यक्रम का आयोजन करने की महत्वपूर्ण धुरी है। इन प्रतियोगिताओं के जरिये विद्यार्थियों की जानकारी के स्तर को बढ़ाने और व्यक्तित्व को विकसित करने की कोशिश की जाती है।

गेम्स और स्पोर्टस

इंडोर और आउटडोर स्पोर्टस के लिए सुविधाएं एवं माहौल भी है। प्रिकेट, वॉलीबाल, फुटबाल, बैडमिंटन, शतरंज, कैरम जैसी खेल प्रतियोगिताएं समय-समय पर आयोजित की जाती हैं।

ट्यूटर-गार्जियन समिति

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ट्यूटर-गार्जियन समिति का संचालन किया जाता है। यह समिति विद्यार्थियों की जरूरतों और समस्याओं पर पैनी ऩजर रखती है।

प्रवेश प्रक्रिया
  • ए.आई.एस.टी. में प्रवेश प्रक्रिया हेतु ऑनलाइन काउंसलिंग 14 जुलाई से की जायेगी।
  • कॉलेज में प्रवेश के लिये बीई कोर्स हेतु न्यूनतम योग्यता गणित विषय के साथ 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो अथवा म.प्र. द्वारा आयोजित प्री-इंजीनियरिंग परीक्षा (पीईटी) में सम्मिलित हुआ हो।
  • कोर्स व प्रवेश संबंधित अधिकारी जानकारी के लिये आईसेक्ट हेड ऑफिस, स्कोप कैम्पस, एन.एच-12, मिसरोद के पास, होशंगाबाद रोड, भोपाल-26, मोबाइल नंबर : 09826352299, 09926642932 पर संपर्क कर सकते हैं।
 
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साईट का निर्माण एवं रखरखाव आईसेक्ट वेब सेन्टर द्वारा किया गया है।