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              इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए अंक 188,वर्ष 22,फरवरी 2010
 
 
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क्लाउड कम्प्यूटिंग से बदलती दुनिया

आने वाले वक्त में हम कम्प्यूटर को और हल्का देखेंगे और ज्यादा से ज्यादा सॉप्टवेयर और टूल्स ऑनलाइन  इस्तेमाल करने का चलन बढ़ सकता है। यही वजह है कि कई लोग विंडोज-7 को आखिरी ऑपरेटिंग सिस्टम मान रहे हैं। विंडोज एक्सपर्ट मार्क मिनासी कह चुके हैं कि 2010 का सबसे बड़ा टड वर्चुअल डेस्कटॉप हो सकता है लेकिन क्लाउड कम्प्यूटिंग को लेकर उनके मन में डेटा की प्रायवेसी और सेप्टी का सबसे बड़ा सवाल है। हालांकि माइक्रोसॉप्ट के इलोप कहते हैं कि क्लाउड पूरी तरह सेफ है लेकिन आने वाले दिनों में इसका चलन ही तस्वीर साफ करेगा।

बिजनेस में आ रहा यह बदलाव बहुत बड़े टड की तरफ इशारा करता है। अभी हम महज शेयर करने वाले डॉक्यूमेंट और फोटो फाइल कम्प्यूटर के बजाय ऑनलाइन सर्वर पर रख रहे हैं। अब बिजनेस इस्तेमाल में ऑफिस कम्युनिकेशन टूल्स ऑनलाइन लेने का फंडा आ रहा है।

क्या हो सकता है इस साल : रिसर्च कंपनी ब्राउन एंड मोहन के मुताबिक क्लाउड कम्प्यूटिंग की मदद से ऐसे सॉप्टवेयर सल्यूशंस की मांग 2010 तक 50 फीसदी के हिसाब से बढ़ेगी। गुजरात एनवायरो प्रोटेक्शन एंड इफ्रास्टक्चर लिमिटेड उन 1800 कंपनियों में से हैं जो पिछले 100 दिनों से माइक्रोसॉप्ट के इन क्लाउड कम्प्यूटिंग सल्यूशंस को टेस्ट कर रही है। सॉप्टवेयर आउटडेटेड हो जाते हैं, हार्डवेयर पर ज्यादा खर्च करना महंगा पड़ रहा है, ऐसे में यह काम की चीज है। विप्रो के जनरल मैनेजर एस. के. वेंकटराघवन का कहना है किस. के. वेंकटराघवन का कहना है कि उनकी जैसी कंपनियां इन सस्ते उपायों को जरूरत के हिसाब से फिट करके देने का प्लेटफॉर्म बना रही हैं। इसके बावजूद सॉप्टवेयर खरीदने के मुकाबले किराए का सिस्टम सस्ता पड़ता है।

सेवाओं की गति व गुणवत्ता बढ़ाती क्लाउड कम्प्यूटिंग : क्लाउड कम्प्यूटिंग वैसे कम्प्यूटरों का एक विशाल नेटवर्क है जिसके सहारे दूर बैठ”कर किसी सेल फोन, लैपटॉप या मोबाइल उपकरण के जरिए सूचना या आंकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं। क्लाउड इंटरनेट का एक अलंकार है। यह कम्प्यूटिंग की एक ऐसी शैली है जहां आईटी से संबंधित क्षमताएं सेवा के रूप में उपलब्ध कराई जाती हैं और जिनसे इंटरनेट के जरिए टेक्नॉलॉजी  समर्थित सेवाओं की उपलब्धता संभव होती है। दुनिया की बड़ी आईटी कंपनियों में से एक आईबीएम ने हाल ही में भारत में सूचना-तकनीक के प्रमुख केन्द्र बंगलोर में अपने क्लाउड कम्प्यूटिंग सेंटर का उद्घाटन किया। इस सेंटर में कंपनियों के लिए विभिन्न तरह के कम्प्यूटिंग क्रियाकलाप संचालित किए जाएंगे। सेंटर में विभिन्न एप्लीकेशंस के डिजाइन तैयार करने से लेकर उसके उपयोग के संबंध में ग्राहकों को बुनियादी संरचना संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। इन अधुनातन और अत्याधुनिक तकनीक आधारित उत्पाद और सेवाओं के लांच के साथ भारत में कम्प्यूटर आधारित सेवाओं के एक नए युग का आगाज हुआ। महज कुछ सेकंडों में सूचनाओं और आंकड़ों तक पहुंच संभव करने के लिए हजारों कम्प्यूटर काम कर रहे होते हैं। यह क्लाउड कम्प्यूटिंग ऑपन स्टैंडर्ड और ऑपन सोर्स सॉप्टवेयर पर आधारित होता है जो सिस्टम्स टेक्नॉलॉजी  और सेवाओं के साथ रेडी टू यूस प्लैटफार्म की फैमिली है। यह भारत में अपनी तरह का इकलौता और आईबीएम के दुनियाभर में फैले 13 केन्द्रा में से एक है। इस केन्द्र के जरिए मिड-मार्केट, यूनिवर्सिटी और सरकारी संगठनों समेत इंटरप्राइज क्लायंट्स उन संसाधनों का उपयोग कर पाएंगे जिनकी उन्हें  अपने ग्राहकों को अत्याधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरत पड़ती है।

इस कम्प्यूटिंग मॉडल के जरिए बिजनेस करने वाले और उपभोक्ता दूर से ही उस विशाल कम्प्यूटिंग संसाधन तक पहुंच बनाने में सक्षम होते हैं जिनका दोहन मांग के आधार पर नए दौर की उन सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है जिनकी उपभोक्ताओं को जरूरत है। इनमें ऑनलाइन  मेडिकल रिकार्ड्स या मोबाइल स्टॉक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट समेत कई तरह की जरूरतें शामिल हैं। एक साझी बुनियादी संरचना के रूप में क्लाउड कम्प्यूटिंग ऊर्जा कार्य कुशलता को बेहतर बनाती है। इससे सूचना की आवाजाही का टक भी बेहतर बनता है। इसके जरिए उपभोक्ता अपनी जरूरत के मुताबिक सिर्फ कम्प्यूटिंग, स्टोरेज, सर्विसेज और अप्लीकेशंस जैसी सुविधाओं के लिए शुल्क देते हैं। आईबीएम इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंकर अन्नास्वामी के अनुसार, क्लाउड कम्प्यूटिंग की सहायता से अत्याधुनिक शोध संभव बनाने के लिए उभर रहे देशों में पहले से सहयोगियों, सरकार और अकादमी विदों से सहयोग स्थापित किया जा रहा है। भारत में मिड मार्केट वेंडर्स, अकादमिक संस्थानों, तकनीकी संस्थानों और सरकारी संगठनों समेत सभी ग्राहक अपने उपभोक्ताओं को विभिन्न तरह की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे।

आईबीएम सेंटर ऐसी कंपनियों की भी मदद करेगा जो सर्विस डिलिवरी, सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने और नए व्यवसाय शुरू करने में जुटे हुए हैं और अपने सेवाओं के लिए नई बुनियादी सुविधाएं निर्मित करने में सक्षम नहीं हैं। क्लाउड कम्प्यूटिंग के जरिए भारत के क्लाइंट अपनी क्लाउड बुनियादी संरचना निर्मित करने और वैसे विशेषज्ञों की मदद लेने में भी सक्षम हो पाएंगे जो उनकी मदद कर सकते हैं। आईबीएम ने क्लाउड कम्प्यूटिंग के विकास में 1 अरब डॉलर के निवेश के साथ लगभग 200 शोधकर्ताओं की सेवा ली है।

कंपनी क्लाउड कम्प्यूटिंग के जरिए अपने ग्राहकों को वे उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराती है जिनकी उपभोक्ता मांग करते है। आईबीएम की विशेजाता और तकनीक से निर्मित ब्लू क्लाउड हार्डवेयर, सॉप्टवेयर और सेवाओं का एक ऐसा सेट है जिसके जरिए दूर स्थित केंद्रीकफढत सर्वरों के जरिए पर्सनल और बिजनेस सर्विस उपलब्ध कराई जाती है। आईबीएम इंडिया के लगभग 1000 ग्राहक हैं जिनमें छोटे से लेकर मध्यम आकार तक के व्यवसायिक संगठन शामिल हैं। ग्राहकों को व्यक्तिगत रूप से सशक्त करने वाली तकनीकें उपलब्ध कराने से उपभोक्ताओं के व्यवहार और अपेक्षाओं में तब्दीली आ रही है।

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