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इलेक्ट्रॉनिक्स आपके लिए अंक 211, वर्ष 24,फ़रवरी 2012
 
 
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तकनीक

वर्ष 2011 का तकनीकी सफर

श्री बेंजवाल शर्मा

तकनीकी लेखक एवं हिंदी कम्पुटिंग विशेषज्ञ

वर्ष 2011 तकनीकी विकास के लिहाज से काफी उन्नत रहा। इस दौरान जहाँ कई€नये गैजेट सामने आये वहीं पुराने उपकरण भी बेहतर हुये। आइये नजर डालें सन् 2011 में हुये तकनीकी बदलाव पर –

टैबलेट

सन 2011 में आइपैड के साथ शुरू हुआ टैबलेट कम्प्यूटर का क्रेज 2011 में भी जारी रहा। एप्पल ने अपने टैबलेट कम्प्यूटर आइपैड का नया मॉडल आइपैड 2 जारी किया। लास वेगास में हुये कंज्यूमर इलैक्ट्रॉनिक्स शो में लगभग 75 नये टैबलेट पेश किये गये। इनमें सबसे ज्यादा चर्चित रहा मोटोरोला का जूम टैबलेट जो कि ऍण्ड्रॉइड के टैबलेट हेतु बनाये गये विशेष संस्करण 3 (हनीकॉम्ब) युक्त पहला टैबलेट था। इसके बाद पूरे वर्ष 10 इंच क्रीन वाले हनीकॉम्ब युक्त कई€3जी टैबलेट आये। हाल ही में ऍण्ड्रॉइड का नवीनतम संस्करण 4 (आइसक्रीम सैंडविच) भी जारी हुआ जिसमें कि हिन्दी भाषा का समर्थन भी शामिल है। आसुस नामक कम्पनी ने पहले क्वाड कोर प्रोसैसर युक्त टैबलेट की घोषणा भी की है जो कि सन 2012 के शुरू में आने की उम्मीद है। आसुस के इस टैबलेट को कीबोर्ड डॉक पर लगाकर लैपटॉप का रूप भी दिया जा सकता है। कॉमर्स वेबसाइट अमेजन भी किंडल फायर नामक अपना टैबलेट लेकर आयी।

भारत में बीते वर्ष सस्ते टैबलेट बाजार में प्रतिस्पर्धा रही। रिलायंस के 3जी टैब, बीटल मैजिक, मर्करी ऍमटैब आदि सहित कई€सस्ते जिंजरब्रैड संस्करण वाले टैबलेट आये। डाटाविंड कम्पनी का 2500 रुपये कीमत का आकाश (सरकार द्वारा विद्यार्थियों के लिये बनवाया गया) तथा 3000 रुपये कीमत का यूबीस्लेट (सामान्य बिक्री हेतु बनाया गया) टैबलेट भी आया। वहीं चीन में लगभग 5000 रुपये कीमत का श्घ्झ्ए टैक्नोलॉजी नामक कम्पनी द्वारा निर्मित 1 गीगाहर्ट्ज प्रोसैसर तथा आइसक्रीम सैंडविच युक्त सस्ता टैबलेट भी सामने आया।

स्मार्टफोन

स्मार्टफोन की बात करें तो सैमसंग ने साल 2010 के अपने सुपरहिट मॉडल गैलैक्सी एस का नया मॉडल गैलैक्सी एस 2 पेश किया जिसमें कि 1.2 गीगाहर्ट्ज का ड्यूल कोर प्रोसेसर है। यह मॉडल भी अपने पूर्ववर्ती की भाँति काफी सफल रहा। मोटोरोला ने ऍट्रीक्स 4जी नामक स्मार्टफोन पेश किया जो कि एक डॉक के साथ लगाने पर कम्प्यूटर की तरह कार्य करता है। गूगल ने भी आइसक्रीम सैंडविच वाला पहला स्मार्टफोन नैक्सस एस पेश किया। एप्पल भी पीछे नहीं रहा तथा उसने आईफोन का नया संस्करण आईफोन 4एस जारी किया। 2012 में सैमसंग के गैलैक्सी एस का तीसरा संस्करण भी आने वाला है जिसमें 1.8 ड्यूल कोर (या क्वाड कोर)

प्रोसेसर, 2 जीबी रैम, एचडी क्रीन तथा 3डी होने की उम्मीद है।

लैपटॉप

लैपटॉप के क्षेत्र में भी नयी तकनीक ने दखल दिया। इंटेल के सैंडीब्रिज टैक्नोलॉजी वाले सैकंड जैनरेशन के कोर प्रोसेसरों ने पहले वालों का स्थान लिया। ब्लुटूथ 3.0 तथा यूएसबी 3.0 पोर्टों का आगमन हुआ। लैपटॉप में भी एलसीडी डिस्प्ले का स्थान एल.ई.डी. ने ले लिया।
इस साल लैपटॉप के क्षेत्र में भी नयी शुरुआत हुयी। एप्पल के मॅकबुक एयर की तर्ज पर इंटेल ने अल्ट्राबुक नाम से लैपटॉप के लिये स्पैसिफिकेशन जारी की। सरल शब्दों में कहें तो अल्ट्राबुक एक लाइटवेट अल्ट्रापोर्टेबल लैपटॉप है। अल्ट्राबुक की स्पैसिफिकेशन में 13.3 इंच क्रीन, अधिकतम 0.8 इंच मोटे, अधिकतम 1.4 किलोग्राम भारी, कम से कम पाँच घंटे की बैट्री लाइफ तथा हार्ड डिस्क के स्थान पर सोलिड स्टेट ड्राइव शामिल हैं। ये स्लिम, पतले, हल्के एवं आकर्षक होते हैं तथा इनमें सीडी/डीवीडी ड्राइव नहीं होती। एसर, एचपी, आसुस, तोशिबा, लेनोवो तथा सोनी ने अल्ट्राबुक जारी की हैं। इंटेल अल्ट्राबुक के लिये सैंडीब्रिज के स्थान पर आइवी ब्रिज नामक विशिष्ट प्रोसेसर तैयार कर रहा है। फिलहाल इनमें सैंडीब्रिज मोबाइल प्रोसेसर प्रयोग हो रहा है। अल्ट्राबुक अभी काफी महंगी हैं, लगभग 50,000 रुपये के आसपास। लगभग इतनी ही कीमत से मकबुक एयर के मॉडल शुरू होते हैं तो को€इन्हें क्यों खरीदेगा। जब तक इनकी कीमत नीचे नहीं आती, आम उपभोक्ता इनसे दूर ही रहेगा।

क्रोम ओएस युक्त गूगल की क्रोमबुक भी आयी पर उन्हें को€खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। इंटरनेट की अनिवार्यता के चलते भारत में तो ये फिलहाल कामयाब ही नहीं।

टेलीविजन

पिछले कुछ सालों से एलसीडी टेलीविजन का क्रेज बढ़ गया है। 2011 में एलईडी का दौर आया। एलईडी की पिक्चर क्वालिटी एलसीडी की तुलना में बेहतर तो है ही, इनकी बिजली खपत भी कम है। लोगों ने अपने पुराने बड़े टेलीविजनों से छुटकारा पाकर दीवार पर टाँगे जा सकने वाले एलईडी खरीदे। इसके अतिरिक्त हाई‚डैफीनीशन के प्रति जागरूकता भी बढ़ी तथा अब लोग फुल एचडी टीवी खरीदना पसन्द कर रहे हैं। एलजी ने 2.9 मिलीमीटर मोटा दुनिया का सबसे पतला टीवी भी बनाया जो कि फुल एचडी है।

पहले एल जी तथा बाद में कुछ दूसरी कम्पनियों ने 3डी टीवी भी बनाये पर ये ज्यादा चले नहीं। इसका कारण शायद 3डी सामग्री की कमी तथा चश्मे का झंझट है। इसी साल तोशिबा ने अपना 3डी टीवी भी प्रस्तुत किया जिसे देखने हेतु चश्मे की जरूरत नहीं।

डेस्कटॉप

डेस्कटॉप के क्षेत्र में को€विशेष नयी चीज देखने को नहीं मिली। इनमें भी इंटेल के सैंडीब्रिज टैक्नॉलॉजी वाले सैकंड जेनरेशन प्रोसेसर तथा यूएसबी 3.0 पोर्ट आये। एलसीडी मॉनीटर की जगह धीरे-धीरे एल डी ने लेनी शुरू की। सैमसंग द्वारा माइक्रोसॉप्ट के लिये बनाया गया एळ40 कम्प्यूटर सामने आया जो कि 40 इंच की फुल ऍचडी टचक्रीन युक्त है हालाँकि यह केवल ऍण्टरप्राइज प्रयोग के लिये है, सामान्य उपभोक्ताओं के लिये नहीं।

अन्य हार्डवेयर

ब्ल्यूटुथ, यूऍसबी तथा स्टोरेज डिवाइसों में बेहतरी देखने को मिली। नये कम्प्यूटर यूऍसबी 3.0 आने लगे हैं जो कि न केवल यूएसबी 2.0 से काफी तेज डाटा ट्राँसफर स्पीड प्रदान करता है बल्कि इसमें एक साथ डाटा भेजा एवं प्राप्त किया जा सकता है। ब्ल्यूटुथ 3.0 युक्त लैपटॉप भी आये। ब्ल्यूटुथ का संस्करण 4.0 भी घोषित हो चुका है। एप्पल ने भी अपना हाई स्पीड थंडरबोल्ट पोर्ट बनाया जो कि उसके डेस्कटॉप एवं लैपटॉप में उपलब्ध है। 

ऑपरेटिंग सिस्टम

डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टमों के क्षेत्र में माइक्रोसॉप्ट ने विण्डोज के नये संस्करण विण्डोज 8 की घोषणा की और इसका डेवलपर प्रिव्यू जारी किया। विण्डोज 8 में विण्डोज फोन वाला मैट्रो इंटरफेस है। यह संस्करण डेस्कटॉप के अतिरिक्त टैबलेट पर भी चलेगा।

लिनक्स की दुनिया में ग्नोम डैस्कटॉप का नया संस्करण 3 आया जिसमें कि फायरफॉक्स की तरह ऍक्सटेंशन सुविधा है। दो सबसे लोकप्रिय लिनक्स वितरण उबुंटू एवं लिनक्स मिंट के अलावा यह फेडोरा में भी आ चुका है। साथ ही उबुंटू का विकास करने वाली कम्पनी कैनॉनिकल ने घोषणा की है कि 2014 में वह उबुंटू का स्मार्टफोन एवं टैबलेट पर चलने वाला संस्करण भी जारी करेगा।

मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टमों के क्षेत्र में ऍण्ड्रॉइड का नया संस्करण 4 (आइसक्रीम सैंडविच) चर्चित रहा। यह संस्करण स्मार्टफोन एवं टैबलेट दोनों के लिये संयुक्त रूप से बनाया गया है। इसमें एक अच्छी बात ये भी है कि हिन्दी का समर्थन आ गया है। इस साल एप्पल ने भी आईफोन, आईपैड तथा आईपॉड टच में प्रयुक्त होने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम आईओऍस का नया संस्करण 5 निकाला जिसके साथ हिन्दी वालों को हिन्दी कीबोर्ड का उपहार मिला। एचपी के वेबओएस के लिये यह साल अच्छा नहीं रहा तथा एचपी ने आगे से वेबओएस वाले डिवाइस बनाना बन्द करने की घोषणा की। इसके अलावा नोकिया ने भी सिम्बियन को अलविदा कह माइक्रोसॉप्ट से गठबन्धन कर आगे से विण्डोज फोन वाले स्मार्टफोन बनाने की घोषणा की।

इंटरनेट एवं सोशल नेटवर्किंग

फेसबुक और ट्विटर की प्रतिस्पर्धा के बीच गूगल ने अपना सोशल नेटवर्किग प्लेटफॉर्म गूगलभी लॉंच किया। यह पूरी तरफ प्लॉप तो न हुआ पर बहुत सफल भी न रहा। इस बीच फेसबुक व ट्विटर भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते अपने इंटरफेस में बदलाव एवं नयी सुविधायें लाते रहे। ट्विटर जहाँ फोटो अपलोडिंग की सुविधा लाया वहीं फेसबुक में वीडियो कॉलिंग सुविधा आयी।

बीते साल क्लाउड कम्प्यूटिंग का भी बोलबाला रहा। अधिकतर मोबाइल प्लेटफॉर्म क्लाउड कम्प्यूटिंग की तरफ बढ़ रहे हैं। एप्पल ने आइफोन, आइपैड तथा मैक के लिये आइक्लाउड सुविधा की घोषणा की जिससे सभी डिवाइसों का डाटा क्लाउड पर सिंक किया जा सकता है। फायरफॉक्स, क्रोम आदि ब्राउजरों ने भी यूजर का डाटा (बुकमार्क, हिस्ट्री, सैटिंग्स आदि) सिंक करने की सुविधा प्रदान की। गूगल डॉक्स की प्रतिस्पर्धा में माइक्रोसॉप्ट ने भी अपने ऑफिस सुइट का ऑनलाइन संस्करण जारी किया।

कुछ अन्य उल्लेखनीय गैजेटों में सोनी द्वारा प्रस्तुत 3डी कैमकॉर्डर शामिल है जो कि 3डी वीडियो शूट करने वाला पहला कैमकॉर्डर है। यह मार्च 2012 के आसपास आने की उम्मीद है। एंग्री बर्ड्स की भी 2011 में धूम रही। 2009 में आइफोन एप्लिकेशन के तौर पर शुरू हुयी यह ऑनलाइन गेम अब एण्ड्रॉइड के अलावा क्रोम वेब ब्राउजर एवं ऑनलाइन वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। साल 2011 तकनीकी क्षेत्र के दो दिग्गजों सी एवं यूनिक्स के जनक डैनिस रिची तथा एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की मफत्यु का गवाह भी रहा।
कुल मिलाकर साल 2011 तकनीकी विकास के लिहाज से उपलब्धिपूर्ण रहा। यह विकास अगले साल भी जारी रहने की उम्मीद है तथा नये बेहतर गैजेट देखने को मिलेंगे।

म.नं.-62, गली नं. 2, कृष्णा कालोनी,

कमानी चौक के पास, यमुना नगर, हरियाणा-135001


 

 

  

 
 
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