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इलेक्ट्रॉनिक्स आपके लिए अंक 209, वर्ष 24, दिसम्बर 2011
 
 
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एकीकरण की ओर बढ़ते स्मार्टफोन, टेबलेट और डेस्कटॉप 

q श्रीश बेंजवाल शमा
हिन्दी ब्लॉगर, तकनीकी लेखक
 

र्टेबल कम्प्यूटिंग उपकरण डिजिटल डायरी, पीडीए, मोबाइल फोन आदि से होते हुये स्मार्टफोन तथा टैबलेट कम्प्यूटर के जमाने में पहुँच गये हैं। आरम्भ में इन उपकरणों की क्षमता तथा फीचर जहाँ बहुत सीमित थी, समय के साथ-साथ ये कम्प्यूटर जैसी क्षमताओं और फीचरों से युक्त होते जा रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाय तो ये सब उपकरण एकीकरण की राह चल रहे हैं। यह एकीकरण हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों ही स्तर पर हो रहा है।

 

हार्डवेयर

हार्डवेयर की बात करें तो मोबाइल फोन धीरे-धीरे बेहतर होते गये। अधिक प्रोसेसर क्षमता और अधिक रैम के कारण उनकी कार्यक्षमता बढ़ती गयी। आज सैमसंग का 1.2 गीगाहर्ट्ज डÎूल कोर प्रोसेसर तथा 1 जीबी रैम तक का गैलैक्सी एस 2 स्मार्टफोन आ चुका है। अनुमान है कि सैमसंग के गैलेक्सी एस 3 स्मार्टफोन में 1.8 गीगाहर्ट्ज डÎूल  कोर प्रोसेसर तथा 2 जीबी रैम होगी। लगभग इन्हप हार्डवेयर क्षमताओं के टैबलेट भी आ चुके हैं। सैमसंग अपने स्वयं के 2 गीगाहर्ट्ज के डÎूल कोर प्रोसेसर पर काम कर रहा है। आसुस एक क्वाड कोर प्रोसेसर वाला टैबलेट जारी करने वाला है।

स्टोरेज क्षमता की बात करें तो स्मार्टफोन, टैबलेट में लैश मेमोरी प्रयोग होती है। आज 64 जीबी तक की स्टोरेज वाले मेमोरी कार्ड तथा 256 जीबी तक स्टोरेज वाली सोलिड स्टेट ड्राइवउपलब्ध हैं। यह अभी डैस्कटॉप कम्प्यूटर की हार्डडिस्क जितनी तो नहप परन्तु टैबलेट में यूएसबी पोर्ट द्वारा पोर्टेबल हार्डडिस्क लगाकर उसकी स्टोरेज क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। 

आइपैड टैबलेट के लिये कीबोर्ड डॉक

स्मार्टफोन तथा टैबलेट इनपुट हेतु टचक्रीन का प्रयोग करते हैं। सामान्य टाइपिंग हेतु जहाँ ऑनक्रीन टच कीबोर्ड पर्याप्त होता है वहप अधिकतर टैबलेटों तथा कथ स्मार्टफोनों में बाहरी भौतिक कीबोर्ड जोड़ने की फीचर है जिससे
अधिक टाइपिंग वाला काम आसानी से किया जा सके या फिर कीबोर्ड डॉक उपलब्ध हैं जिन पर टैबलेट को लगाया (माउंट) किया जा सकता है। नये यूएसबी ऑन&द&गो फीचर युक्त स्मार्टफोनों तथा टैबलेटों में सामान्य कीबोर्ड, माउस, पैन ड्राइव आदि को जोड़ा जा सकता है।

पुराने समय के कन्वर्टिबल टैबलेट; टैबलेट और लैपटॉप के समन्वय के उदाहरण थे। सैमसंग के सीरीज 7 टैबलेट पीसी डैस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम वाले सबसे पोर्टेबल टैबलेट पीसी हैं। कुछ कम्पनियों ने ऐसे मॉडल भी निकाले हैं जो कि टैबलेट और नेटबुक दोनों का मिश्रण हैं जैसे सैमसंग का स्लाइडर पीसी तथा लेनोवो आइडिया पैड यू1। आसुस का आने वाला थपैड ट्राँसफॉर्मर प्राइम लैपटॉप और टैबलेट का मिश्रण है। डिस्प्ले की बात करें तो महंगी कीमत रेंज वाले स्मार्टफोन तथा टैबलेट हाई&रिजॉल्यूशन युक्त हैं जिन पर हाइ डैफिनीशन (HD) वीडियो रिकॉर्ड एवं प्ले किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कथ स्मार्टफोनों तथा टैबलेटों में क्रीन को HDMI पोर्ट के जरिये बाहरी डिस्प्ले जैसे मॉनीटर या प्रोजेक्टर आदि पर देखा जा सकता है। इन उच्च क्षमताओं वाले हार्डवेयर के कारण ये उपकरण सामान्य कम्प्यूटर के समकक्ष हो चुके हैं।

सॉफ्टवेयर

दूसरी ओर सॉफ्टवेयर के मामले में बात करें तो मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम पहले से काफी परिपक्व हो चुके हैं। सामान्य फंक्शनों के अतिरिक्त इनमें
विविध कार्य़ों के लिये विभि़ ऍप्लिकेशन उपलब्ध हैं। ऍप्लिकेशन स्टोर के कंसैप्ट ने ऍप्लिकेशन ढूँढना और इंस्टाल करना बिलकुल सरल बना दिया है। डैवलपर एक से बढ़कर एक ऍप्लिकेशनों के जरिये इन उपकरणों के नये&नये रचनात्मक उपयोग खोज रहे हैं। उदाहरण के लिये इन ऍप्लिकेशनों के जरिये आप इंटरनेट से अपने पीसी को कंट्रोल कर सकते हैं, वाइ&फाइ के जरिये अपने फोन/टैबलेट को एक वायरलैस कैमरे की तरह प्रयोग कर सकते हैं या फिर वीडियो को इंटरनेट पर लाइव ब्रॉडकास्ट कर सकते हैं।

पीसी की कथ प्रमुख ऍप्लिकेशनों के स्मार्टफोन/टैबलेट हेतु संस्करण बन चुके हैं। जावा रनटाइम तो पहले से था ही,  अब मोनो के जरिये डॉट नेट फ्रेमवर्क भी मोबाइल प्लेटफॉर्म़ों पर उपलब्ध हो चुका है। ऑडियो&वीडियो एवं इंटरनेट चलाने सम्बन्धी लगभग सभी सामान्य कार्य इन उपकरणों पर सम्भव हो गये हैं बस ग्राफिक्स, डिजाइनिंग, प्रोग्रामिंग एवं डैवलपमेंट जैसे कार्य नहप हो सकते। गूगल टॉक, स्काइपी, गूगल क्रोम तथा ऑफिस सुइट आदि इन उपकरणों के लिये उपलब्ध हैं।

स्मार्टफोन/टैबलेट तथा डैस्कटॉप पीसी के एकीकरण की दिशा में दो महत्वपूर्ण दटनायें होने जा रही हैं। पहली तो ये कि लोकप्रिय मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम ऍण्ड्रॉइड के भविष्य के संस्करण डैस्कटॉप/लैपटॉप कम्प्यूटरों में प्रयुक्त होने वाले इंटैल प्रोसेसरों (x86, x64 आर्किटैक्चर) पर भी चलेगें। इससे सामान्य कम्प्यूटरों पर भी ऍण्ड्रॉइड चल सकेगा। दूसरी ये कि माइक्रोसॉफ्ट के विण्डोज ऑपरेटिंग सिस्टम का अगला संस्करण विण्डोज 8 ARM प्रोसेसरों पर भी चलेगा। एआरऍम प्रोसेसर मोबाइल डिवाइसों जैसे स्मार्टफोन तथा टैबलेट में प्रयुक्त होते हैं। इसका मतलब विण्डोज 8 टैबलेट कम्प्यूटर पर भी चलायी जा सकेगी। यह मोबाइल कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम होगा, कथ दंटों के बैट्री बैकअप वाले अल्ट्रा पोर्टेबल कम्प्यूटर बनाये जा सकेंगे। यानि डैस्कटॉप वाला ऑपरेटिंग सिस्टम स्मार्टफोन/टैबलेट पर तथा स्मार्टफोन वाला ऑपरेटिंग सिस्टम डैस्कटॉप पर चल सकेगा। इसके अतिरिक्त सर्वाधिक लोकप्रिय लिनक्स वितरण उबुंटू ने भी संस्करण 14.04 (यानि अप्रैल 2014 वाले संस्करण) से स्मार्टफोन, टैबलेट के क्षेत्र में प्रवेश करने की दाsषणा की है हालाँकि यह शायद इसके डैस्कटॉप संस्करण से भि़ हो। वैसे उबुंटू का वर्तमान यूनिटी तथा ग्नोम 3 डैस्कटॉप भी टैबलेट के लिये काफी हद तक उपयुक्त है।

इस प्रकार स्पष्ट है कि हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों ही स्तर पर स्मार्टफोन/टैबलेट तथा पीसी एकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। कल्पना कीजिये x86/x64 स्तर की शक्ति वाले एआरऍम प्रोसेसर युक्त एक टैबलेट की जिसे सामान्य तौर पर तो ऍण्ड्रॉइड के साथ प्रयोग किया जाये और जब डेस्कटॉप के तौर पर प्रयोग करना हो तो सामान्य एलसीडी, कीबोर्ड और माउस से जोड़ कर विण्डोज/लिनक्स के साथ वह पूर्ण कम्प्यूटर बन जाय।

हम खरीदना चाहेंगे कुछ ऐसा ही एक डÎूल बूट टैबलेट जिसमें ऍण्ड्रॉइड 4.0 (आइसक्रीम सैंडविच) तथा विण्डोज़ 8 हों। जब सामान्य काम करना हो (जैसे नेट सर्फिंग, ऑडियो&वीडियो देखना) तो ऍण्ड्रॉइड प्रयोग किया जाय और जब कोथ ज्यादा काम हो (प्रोग्रामिंग, ग्राफिक्स आदि) तो विण्डोज 8 प्रयोग हो।

q म.नं. 62, स्ट्रीट नं-2, कृष्णा कालोनी, 
यमुना नगर, हरियाणा

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